एनआईए ने बिहार दौरे के दौरान पीएम मोदी की हत्या की पीएफआई साजिश मामले में चार लोगों के खिलाफ आरोपपत्र दायर किया

पीएम मोदी

 



नई दिल्ली: राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पटना यात्रा और अन्य अवैध एवं राष्ट्र विरोधी गतिविधियों को बाधित करने के लिए पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (पीएफआई) द्वारा रची गई साजिश के सिलसिले में शनिवार को चार आरोपियों के खिलाफ आरोपपत्र दायर किया. आरोपियों की पहचान पटना के मुस्लिम राघोपुर गांव के अतहर परवेज, पटना के फुलवारीशरीफ के मोहम्मद जलालुद्दीन खान, दरभंगा के लालबाग के नूरुद्दीन जंगी और फुलवारीशरीफ के अरमान मलिक उर्फ मोहम्मद इम्तियाज अनवर के रूप में हुई है। ये सभी पीएफआई से जुड़े थे।

बिहार में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की हत्या की साजिश सामने आई है। बिहार पुलिस की गुप्त जांच में प्रधानमंत्री की हत्या की साजिश के बारे में खुलासा हुआ है। 12 जुलाई की रात पुलिस ने फुलवारी शरीफ इलाके में एक अभियान चलाया और आतंकवादी संगठनों से संबंध रखने वाले एक सेवानिवृत्त अधिकारी मोहम्मद जलाउद्दीन और अथर परवेज को गिरफ्तार किया। जांच अधिकारी मनीष कुमार ने दावा किया था कि जलाउद्दीन के सिमी के साथ करीबी संबंध थे।

कुछ महीने पहले राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने एक साथ पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (पीएफआई) पर छापा मारा था और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अन्य गणमान्य लोगों की हत्या की साजिश रचने, देश में विध्वंसक गतिविधियों को अंजाम देने की साजिश रचने, आतंकी संगठनों के साथ घनिष्ठ संबंधों के आरोप में कई नेताओं और कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार किया था। इसके बाद केंद्र सरकार ने पीएफआई पर पांच साल के लिए प्रतिबंध लगाने का आदेश जारी किया था।

केंद्रीय गृह मंत्रालय ने एक आदेश जारी कर पीएफआई और उसके सहयोगियों को गैरकानूनी गतिविधि (रोकथाम) अधिनियम (यूएपीए) के तहत तत्काल प्रभाव से गैरकानूनी संगठन घोषित कर दिया था। रिहैब इंडिया फाउंडेशन (आरआईएफ), कैंपस फ्रंट ऑफ इंडिया (सीएफआई), ऑल इंडिया इमाम काउंसिल (एआईआईसी), नेशनल कन्फेडरेशन ऑफ ह्यूमन राइट्स ऑर्गनाइजेशन (एनसीएचआरओ), नेशनल वीमेंस फ्रंट, जूनियर फ्रंट, एम्पावर इंडिया फाउंडेशन और रिहैब फाउंडेशन केरल जैसे पीएफआई सहयोगियों पर प्रतिबंध लगा दिया गया है।


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